बुधवार, 24 दिसंबर 2025

गया में दौड़ेगी मेट्रो! 36 KM रूट, 28 स्टेशन, जानिए पूरा गया मेट्रो प्रोजेक्ट प्लान

 

बिहार का ऐतिहासिक और धार्मिक शहर गया न केवल पितृपक्ष, विष्णुपद मंदिर और बोधगया के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है, बल्कि यह एक तेजी से बढ़ता शैक्षणिक और पर्यटन केंद्र भी बन चुका है। हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटक बोधगया आते हैं, जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। इसके अलावा गया रेलवे स्टेशन, गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, आईआईएम बोधगया और आसपास के शहरी क्षेत्र लगातार विकसित हो रहे हैं।

इन सभी कारणों से शहर में ट्रैफिक दबाव, प्रदूषण और यात्रा समय लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए गया मेट्रो प्रोजेक्ट की परिकल्पना की गई है।

गया मेट्रो का उद्देश्य शहर और बोधगया के बीच एक आधुनिक, सुरक्षित, तेज और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करना है। वर्तमान में गया में बस, ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों पर निर्भरता अधिक है, जिससे जाम की स्थिति बनती है। मेट्रो प्रोजेक्ट लागू होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना बिहार सरकार की शहरी परिवहन सुधार नीति का हिस्सा है, जिसके तहत पटना मेट्रो के बाद गया जैसे दूसरे महत्वपूर्ण शहरों को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई गई है। गया मेट्रो को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया जा रहा है ताकि अगले 30–40 वर्षों तक यह शहर के विकास में सहायक रहे।

गया मेट्रो का रूट, कॉरिडोर और प्रस्तावित स्टेशन

गया मेट्रो प्रोजेक्ट को दो प्रमुख कॉरिडोर में विकसित करने का प्रस्ताव है। ये दोनों कॉरिडोर शहर के लगभग सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करेंगे।

पहला कॉरिडोर (North–South Corridor) गया शहर के उत्तरी हिस्से से लेकर बोधगया और आईआईएम बोधगया तक जाएगा। यह कॉरिडोर सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसी रूट पर गया रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, प्रमुख बाजार, धार्मिक स्थल और शैक्षणिक संस्थान स्थित हैं। इस लाइन की अनुमानित लंबाई लगभग 22 किलोमीटर से अधिक हो सकती है और इसमें करीब 18 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
इस रूट से रोजाना हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, खासकर छात्रों, पर्यटकों और नौकरीपेशा लोगों को।

दूसरा कॉरिडोर (East–West Corridor) गया शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने के लिए प्रस्तावित है। इस कॉरिडोर की लंबाई लगभग 13–14 किलोमीटर हो सकती है और इसमें करीब 10 स्टेशन रखे जाने की योजना है। यह रूट विष्णुपद मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों और घनी आबादी वाले इलाकों को जोड़ेगा।
कुल मिलाकर गया मेट्रो नेटवर्क की लंबाई करीब 36 किलोमीटर और कुल स्टेशन 28 के आसपास होने का अनुमान है। मेट्रो लाइनें ज्यादातर एलिवेटेड (ऊपर बनी हुई) होंगी ताकि भूमि अधिग्रहण की समस्या कम हो और निर्माण कार्य तेज़ी से पूरा किया जा सके।

स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जैसे:

  • लिफ्ट और एस्केलेटर

  • दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधा

  • डिजिटल टिकटिंग सिस्टम

  • सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था

  • पार्किंग और फीडर बस सेवा

गया मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत, टाइमलाइन और वर्तमान स्थिति

गया मेट्रो प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹7500 से ₹8000 करोड़ के बीच बताई जा रही है। हालांकि, अंतिम लागत DPR (Detailed Project Report) तैयार होने के बाद ही तय होगी। इस परियोजना में राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार से भी वित्तीय सहयोग मिलने की संभावना है।

फिलहाल, परियोजना प्रारंभिक सर्वे और योजना चरण में है। Rail India Technical and Economic Service (RITES) जैसी एजेंसियों द्वारा सर्वे कार्य किया जा चुका है और उसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी गई है। अब अगला कदम DPR को अंतिम रूप देना है, जिसमें रूट फाइनल, स्टेशन लोकेशन, लागत, तकनीकी डिजाइन और निर्माण की समयसीमा तय होगी।

अगर सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो:

  • 2025–26: DPR स्वीकृति और फंडिंग

  • 2026–27: निर्माण कार्य की शुरुआत

  • 2028 तक: मेट्रो सेवा शुरू होने की संभावना

हालांकि, यह समयसीमा प्रशासनिक मंजूरी, फंडिंग और भूमि संबंधी मामलों पर निर्भर करेगी। बिहार सरकार की मंशा है कि गया मेट्रो को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि शहर को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।

गया मेट्रो से शहर, पर्यटन और रोजगार को क्या फायदे होंगे?

गया मेट्रो प्रोजेक्ट केवल एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि यह शहर के समग्र विकास का माध्यम बनेगा। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि शहर में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में कमी आएगी। मेट्रो के कारण निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, जिससे ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटन के क्षेत्र में गया मेट्रो गेम-चेंजर साबित हो सकती है। बोधगया आने वाले विदेशी पर्यटकों को एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और होटल तक सीधी, सुरक्षित और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे पर्यटन अनुभव बेहतर होगा और शहर की वैश्विक छवि मजबूत होगी।
रोजगार के लिहाज से भी यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। निर्माण चरण में हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मेट्रो के संचालन, रखरखाव, सुरक्षा और सेवाओं में भी स्थानीय युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे।

इसके अलावा, मेट्रो कॉरिडोर के आसपास:

  • रियल एस्टेट विकास

  • नई दुकानें और व्यवसाय

  • शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

  • स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाएं

तेजी से विकसित होंगी। इससे गया की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और शहर एक आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में उभरेगा।

1 टिप्पणी:

बेनामी ने कहा…

Keb tak start ho jayega sir

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