रविवार, 7 दिसंबर 2025

गयाजी में सड़क किनारे से दुकानों को हटाया: अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज, अवैध निर्माण को भी तोड़ा गया

बिहार के महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटक शहर गयाजी में प्रशासन अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर एक्शन मोड में आ चुका है। पिछले कई महीनों से बढ़ते ट्रैफिक जाम, सड़क पर अवैध कब्जे, फुटपाथ पर अस्थायी दुकानें और मुख्य मार्गों पर ठेलों के कारण शहर की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। जिला प्रशासन और नगर निगम ने मिलकर अब इस समस्या को खत्म करने का फैसला किया है और लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में सड़क किनारे लगाई गई दुकानों को हटाया गया, अस्थायी खोखों को तोड़ा गया, फल और सब्जी बाजारों को हटाने की कार्रवाई की गई और जहां पक्के अवैध निर्माण मिले, वहां जेसीबी की मदद से उन्हें ध्वस्त कर दिया गया।
गया एक ऐसा शहर है जो हर साल लाखों पर्यटकों और श्रद्धालुओं का स्वागत करता है। विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, बोधगया और पितृपक्ष मेला की वजह से यहां देश और विदेश से लोग आते हैं। ऐसे में सड़क पर अवैध कब्जा और अव्यवस्था न केवल स्थानीय लोगों के लिए परेशानी पैदा कर रही थी बल्कि बाहरी लोगों की नजर में शहर की छवि भी खराब कर रही थी। प्रशासन के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ कब्जा हटाना नहीं, बल्कि शहर की सुंदरता, यातायात व्यवस्था और सामाजिक सुविधा को बेहतर बनाना है।

मुख्य मार्गों पर चला बड़ा अभियान: सुबह से शुरू हुई कार्रवाई

अभियान की शुरुआत सुबह-सुबह की गई, ताकि भीड़ और अव्यवस्था ना हो और लोग अचानक भी इकट्ठा न हों। नगर निगम, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम जेसीबी, ट्रक, माइकिंग सिस्टम और नोटिस दस्तावेजों के साथ शहर के प्रमुख क्षेत्रों की ओर बढ़ी। सबसे पहले देवघर रोड, स्टेशन रोड, बकरी बाजार, पटना-गया मुख्य मार्ग, गांधी मैदान के आसपास, पुराना शहर और टेकारी रोड क्षेत्र में कार्रवाई की गई।
इन इलाकों में लंबे समय से सड़क किनारे अस्थायी दुकानें, चाय के खोखे, लोहे-लकड़ी के शेड, फल और सब्जी मंडी के ठेले, ऑटो पार्ट्स की दुकानें, कपड़े की गुमटियां और इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग की टेबलें लगी रहती थीं। इससे सड़क की आधी जगह कब्जे में चली जाती थी और वाहन गुजरते समय जाम की स्थिति पैदा हो जाती थी। कई बार एम्बुलेंस को रास्ता नहीं मिलता था, जिससे अस्पताल पहुंचने में देरी हो जाती थी।
अभियान से पहले नगर निगम ने कई दिनों तक माइकिंग और नोटिस जारी किया था। दुकानदारों को चेतावनी दी गई थी कि वह अपने सामान को हटाएं, क्योंकि सड़क सार्वजनिक संपत्ति है और किसी का निजी अधिकार नहीं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार करीब 70% दुकानदारों ने सामान हटा लिया, लेकिन कुछ लोग फिर भी जगह खाली नहीं कर रहे थे, इसलिए टीम ने एक्शन लिया।
कार्रवाई के दौरान टीमों ने दुकानदारों को यह भी बताया कि सड़क और फुटपाथ सिर्फ पैदल यात्रियों और आम जनता के लिए बनाए जाते हैं। सड़क किनारे कब्जा किसी भी कानून के तहत सही नहीं है। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि— “अभियान शहर के हित में है। अवैध कब्जे हटने से सड़कों में चौड़ाई बढ़ेगी और यातायात सुचारू होगा। शहर सुंदर और व्यवस्थित दिखेगा।”

अवैध निर्माण ध्वस्त: विरोध भी हुआ, प्रशासन ने कहा नियम सबके लिए बराबर

अभियान के दौरान कई जगहों पर पक्के अवैध निर्माण भी पाए गए। कुछ व्यापारियों ने दीवार बनाकर शेड तैयार कर रखा था, जबकि कुछ दुकानों ने सड़क के हिस्से को अपनी दुकान में जोड़ दिया था। प्रशासन ने मौके पर ही जेसीबी मशीन से इन निर्माणों को तोड़ दिया।
यह कदम कुछ स्थानीय लोगों को भारी पड़ा और कुछ व्यापारी इस पर नाराज दिखे। उनका कहना था कि वे वर्षों से उस जगह व्यापार कर रहे हैं और अचानक दुकान हट जाने से उनका व्यवसाय और परिवार का जीवन प्रभावित होगा। कुछ लोगों ने विरोध भी किया और अधिकारियों से अपील की कि उन्हें समय दिया जाए।
हालांकि प्रशासन का रुख साफ था— कानून सबके लिए बराबर है। अधिकारियों ने कहा—
सड़क और फुटपाथ पर कब्जा किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लोगों को पहले ही नोटिस दिया गया था।
यातायात में बाधा आने से आम लोग परेशान होते हैं।
स्मार्ट मार्केट जोन बनाने की योजना चल रही है, जिससे व्यापारियों को व्यवस्थित स्थान मिलेगा।
अभियान के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। कई जगहों पर एहतियात के तौर पर बैरिकेडिंग की गई। महिला पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम के कर्मचारी व्यवस्था बनाए रखने में लगे रहे। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि किसी तरह की हिंसा या विवाद न हो।
कुछ स्थानीय युवाओं ने अभियान का समर्थन किया और कहा कि पिछले कई सालों से सड़कें आधी हो चुकी थीं, फुटपाथ पूरी तरह गायब हो गए थे और चलते समय यह पता ही नहीं चलता था कि सड़क कहां है और दुकान कहां। यदि शहर साफ और सुन्दर होगा, तो पर्यटन बढ़ेगा और व्यापार भी बढ़ेगा।

आगे भी जारी रहेगा अभियान: शहर को नया स्वरूप देने की तैयारी

नगर निगम और जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यह अभियान एक दिन का या एक बार का नहीं है। यह लगातार चलाया जाएगा और शहर को सौंदर्य एवं व्यवस्था के अनुसार नया रूप दिया जाएगा। आने वाले समय में और भी क्षेत्रों में कार्रवाई होगी, खासकर उन जगहों पर जहां फुटपाथ पूरी तरह गायब हो चुके हैं और सड़क की आधी जगह कब्जे में चली गई है।
अभियान के तहत—
मुख्य मार्ग
बाजार क्षेत्र
धार्मिक स्थलों के आसपास
फल-सब्जी मंडी क्षेत्र
स्टेशन रोड
बस स्टैंड क्षेत्र
की लगातार निगरानी की जा रही है।
अभियान का प्रभाव तभी कायम रहेगा, जब नागरिक भी इसमें सहयोग दें। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क और फुटपाथ पर कब्जा न करें और कानून का पालन करें। शहर सबका है, इसलिए इसकी व्यवस्था और सुंदरता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।


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