बुधवार, 10 दिसंबर 2025

बिहार पंचायत चुनाव 2026: आरक्षण चक्र बदलेगा, पुराने परिसीमन पर ही चुनाव — जानें पूरी स्थिति

 

बिहार में आगामी 2026 के पंचायत चुनाव (ग्राम पंचायत, मुखिया/सरपंच, वार्ड सदस्य आदि) से पहले कई अहम जानकारियाँ सामने आ चुकी हैं। राज्य में चुनावी सरगर्मी शुरू हो चुकी है — लेकिन इस बार स्थिति 2021 से बदलने की संभावना है। आइए जानते हैं — क्या बदलेगा, क्या रहेगा पहले जैसा, और उम्मीदवारों व मतदाताओं को क्या पता होना चाहिए।

नया आरक्षण चक्र: 2026 में बदलेगी सीटों की स्थिति

2026 पंचायत चुनाव में राज्य में नया आरक्षण रोस्टर (reservation roster) लागू होगा। यानी — पिछली बार 2021 में जिन पंचायत, मुखिया/सरपंच, वार्ड सदस्य आदि पदों को किस श्रेणी (SC/ST/EBC/महिला/जनरल) के लिए आरक्षित किया गया था, उनकी स्थिति बदल जाएगी।यह बदलाव हर “दो पंचायत आम चुनाव” के बाद होता है — ताकि आबादी, जातीय/सांख्यिकीय स्थिति तथा सामाजिक न्याय के आधार पर आरक्षण समायोजित किया जा सके।ऐसे में कई मौजूदा मुखिया, वार्ड सदस्य, पंच — जिनकी सीट 2021 में “जनरल (अनारक्षित)” थी — 2026 में आरक्षित श्रेणी में हो सकती है। इसके कारण वे इस बार चुनाव न लड़ सकें।दूसरी ओर, जिन क्षेत्रों में SC/ST/EBC या महिला आरक्षण था — हो सकता है कि इस बार उनकी सीट जनरल हो जाए या आरक्षण श्रेणी बदल जाए। यानी, 2026 चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
इस बदलाव का मतलब है — उम्मीदवारों और ग्रामीण मतदाताओं को अपनी पंचायत, वार्ड या ग्राम-पंचायत की सीट की आरक्षित/अनारक्षित स्थिति इस बार फिर से देखनी होगी।

 पारंपरिक परिसीमन (Delimitation) बना रहेगा — नई ज़ोनिंग नहीं होगी

इसका कारण बताया गया है कि नया परिसीमन करने के लिए नई जनगणना की रिपोर्ट की ज़रुरत होती है। लेकिन 2026 चुनाव से पहले इतनी रिपोर्ट तैयार करना संभव नहीं है। इसलिए, जो गाँव-वार्ड boundaries पहले थीं, वही बनी रहेंगी — सीटों की संख्या, गाँव की सीमाएँ, पंचायत-वार structure में कोई बड़ा फेरबदल नहीं होगा।इससे उम्मीदवारों और मतदाताओं को पूर्व जानकारी काम आएगी — क्योंकि जहां पहले से वोटर, पंचायत boundary, वोटर-लिस्ट आदि बने हुए हैं, वही आधार रहेगा।

EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) — संभवतः पंचायती चुनाव में पहली बार

2026 पंचायत चुनाव में पहली बार यह संभावना है कि पंचायत स्तर पर EVM का इस्तेमाल हो — यानी बूथों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग। राज्य निर्वाचन आयोग इस दिशा में तैयारी कर रहा है।यह बदलाव मतदान प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की कोशिश है। इससे मतदाता-list update, वोटिंग procedure और मतगणना (counting) में सुगमता आ सकती है। यदि EVM लागू होता है, तो पंचायत चुनाव — जो ग्रामीण और कमजोर-विकसित क्षेत्रों में होते हैं — वहाँ चुनाव प्रबंधन व मतदान में पारदर्शिता बढ़ सकती है।हालाँकि, अभी EVM होने या न होने की आधिकारिक final घोषणा होना बाकी है। 


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