शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025

Bihar Land Survey 2025: जमीन मालिकों के लिए बड़ा अपडेट, सर्वे में गलती हुई तो ऐसे कराएं सुधार

 

बिहार में जमीन से जुड़ी समस्याएं कोई नई बात नहीं हैं। दशकों पुराने रिकॉर्ड, गलत नक्शे, सीमाओं का स्पष्ट न होना और नामों की गड़बड़ी के कारण राज्य में हजारों भूमि विवाद आज भी अदालतों में लंबित हैं। इन्हीं समस्याओं को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने Land Survey (भू-सर्वेक्षण) को दोबारा शुरू किया है। यह सर्वे राज्य के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछला व्यापक सर्वे कई दशक पहले किया गया था, जिसके बाद जनसंख्या बढ़ी, जमीन के बंटवारे हुए और रिकॉर्ड में कई तरह की त्रुटियां आ गईं।

सरकार का मानना है कि जब तक जमीन का सही और अद्यतन रिकॉर्ड नहीं होगा, तब तक न तो किसानों को पूरा लाभ मिल सकता है और न ही आम लोगों को जमीन से जुड़ी सरकारी सेवाओं में आसानी होगी। यही वजह है कि Land Survey 2025 को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने का दावा किया गया है। सर्वे के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर जमीन मालिक को उसकी जमीन का सही रकबा, सही सीमा और सही रिकॉर्ड मिले।

Land Survey 2025 की प्रक्रिया: कैसे हो रहा है जमीन का सर्वे?

बिहार में चल रहे Land Survey की प्रक्रिया को कई चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में गांवों का चयन किया जाता है और वहां सर्वे टीम भेजी जाती है। इस टीम में राजस्व कर्मचारी, अमीन और तकनीकी स्टाफ शामिल होते हैं। सर्वे के दौरान आधुनिक उपकरणों जैसे GPS, डिजिटल मैपिंग और सैटेलाइट डेटा का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे माप में गलती की संभावना कम हो सके।

सर्वे टीम गांव पहुंचकर जमीन की माप करती है और मौजूदा रिकॉर्ड से उसका मिलान किया जाता है। इस दौरान जमीन मालिकों की मौजूदगी बेहद जरूरी मानी जाती है, ताकि मौके पर ही सीमा और रकबे को लेकर किसी तरह का भ्रम न रहे। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि सर्वे के समय पुराने खतियान, रसीद और रजिस्ट्री जैसे दस्तावेज दिखाने से प्रक्रिया आसान हो जाती है।

सर्वे के बाद अस्थायी सूची (ड्राफ्ट रिकॉर्ड) तैयार की जाती है, जिसे सार्वजनिक किया जाता है। इस सूची में जमीन का रकबा, मालिक का नाम और अन्य विवरण दर्ज रहते हैं। यदि किसी जमीन मालिक को इसमें कोई गलती नजर आती है, तो वह तय समय सीमा के भीतर आपत्ति दर्ज करा सकता है। सरकार का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हो।

जमीन मालिकों के लिए जरूरी निर्देश और सावधानियां

Land Survey के दौरान जमीन मालिकों की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे सर्वे टीम के साथ सहयोग करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। कई जगह यह गलतफहमी फैली हुई है कि सर्वे के बहाने जमीन छीनी जाएगी, जबकि सरकार ने साफ किया है कि Land Survey का मकसद केवल रिकॉर्ड सुधारना है, न कि किसी की जमीन लेना।

जमीन मालिकों को सलाह दी गई है कि सर्वे के समय वे स्वयं या परिवार के किसी जिम्मेदार सदस्य को मौके पर मौजूद रखें। साथ ही, अपने सभी जरूरी दस्तावेज जैसे खतियान, रसीद, रजिस्ट्री और पहचान पत्र साथ रखें। यदि जमीन को लेकर पहले से कोई विवाद चल रहा है, तो उससे जुड़े कागजात भी सर्वे टीम को दिखाना फायदेमंद हो सकता है।

इसके अलावा, यह भी जरूरी है कि ड्राफ्ट रिकॉर्ड जारी होने के बाद लोग उसे ध्यान से जांचें। अक्सर लोग यह सोचकर लापरवाही कर देते हैं कि सब कुछ सही होगा, लेकिन बाद में गलती पकड़ में आने पर सुधार कराना मुश्किल हो जाता है। सरकार ने साफ किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

Land Survey पूरा होने के बाद क्या बदलेगा?

सरकार का दावा है कि Land Survey पूरा होने के बाद बिहार में जमीन से जुड़े मामलों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जमीन का रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल और अपडेटेड हो जाएगा। इससे दखिल-खारिज, रजिस्ट्री और ऑनलाइन सेवाएं आसान होंगी। जमीन मालिकों को बार-बार अंचल कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

इसके अलावा, भूमि विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है। जब जमीन की सीमा और रकबा स्पष्ट होगा, तो आपसी झगड़े और कोर्ट केस अपने आप कम होंगे। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिल सकेगा, क्योंकि सही रिकॉर्ड होने पर सब्सिडी और मुआवजा देने में परेशानी नहीं होगी।

राज्य सरकार यह भी मान रही है कि Land Survey से निवेश का माहौल बेहतर होगा। जब जमीन का रिकॉर्ड स्पष्ट और भरोसेमंद होगा, तो उद्योग और विकास परियोजनाओं में भी तेजी आएगी। कुल मिलाकर, Land Survey को बिहार के विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले वर्षों में साफ दिखाई देगा।



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