आज चांदी के दामों ने इतिहास रच दिया है। देशभर के सर्राफा बाजार और MCX पर चांदी पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर गई है। इस तेज उछाल ने न सिर्फ निवेशकों को चौंकाया है, बल्कि आम ग्राहकों और चांदी के व्यापार से जुड़े लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है।
लगातार बढ़ती कीमतों के पीछे वैश्विक बाजारों की मजबूती, औद्योगिक मांग में इजाफा और निवेशकों का सुरक्षित विकल्पों की ओर झुकाव माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की यह तेजी सिर्फ सट्टा नहीं बल्कि मजबूत मांग का संकेत है।
Silver Rate Today: आज क्या है चांदी का भाव
19 जनवरी 2026 को चांदी के ताजा भाव इस प्रकार दर्ज किए गए:
1 ग्राम चांदी का भाव: लगभग ₹305
10 ग्राम चांदी: करीब ₹3,050
100 ग्राम चांदी: लगभग ₹30,500
1 किलो चांदी: ₹3,00,000 से ₹3,10,000 (शहर के अनुसार)
दिल्ली, मुंबई, पटना, लखनऊ, जयपुर और भोपाल जैसे प्रमुख शहरों में चांदी के दाम लगभग समान स्तर पर बने हुए हैं, जबकि चेन्नई और दक्षिण भारत के कुछ शहरों में कीमत थोड़ी अधिक देखी गई है।
चांदी की कीमतों में इतनी तेजी क्यों आई?
चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सीधे जुड़ी होती हैं। हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर चांदी में जबरदस्त खरीदारी देखी गई है। डॉलर में कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं, जिसमें चांदी प्रमुख विकल्प बनकर उभरी है।
औद्योगिक मांग में जबरदस्त उछाल
आज चांदी सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल:
सोलर पैनल
इलेक्ट्रॉनिक्स
इलेक्ट्रिक व्हीकल
मेडिकल उपकरण
सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री
में बड़े पैमाने पर हो रहा है। हरित ऊर्जा (Green Energy) और सोलर सेक्टर के विस्तार ने चांदी की मांग को कई गुना बढ़ा दिया है।
निवेशकों का भरोसा बढ़ा
महंगाई और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक ऐसे एसेट्स की तलाश में हैं जो सुरक्षित हों। सोने के साथ-साथ अब चांदी भी निवेश का मजबूत विकल्प बनती जा रही है।
प्रमुख शहरों में आज चांदी का भाव
शहर | 1 किलो चांदी का भाव (₹) |
|---|---|
दिल्ली | 3,05,000 |
मुंबई | 3,04,000 |
पटना | 3,05,000 |
लखनऊ | 3,05,000 |
जयपुर | 3,06,000 |
चेन्नई | 3,18,000 |
नोट: स्थानीय टैक्स, जीएसटी और मेकिंग चार्ज के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
क्या चांदी के दाम आगे और बढ़ेंगे?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतों में अभी भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
विशेषज्ञों की राय
अगर औद्योगिक मांग इसी तरह बनी रही, तो चांदी नए स्तर छू सकती है
हालांकि, इतनी तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली भी संभव है
निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जा रही है
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए चांदी अब भी आकर्षक मानी जा रही है, लेकिन शॉर्ट टर्म में जोखिम बना रह सकता है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
चांदी के गहनों, सिक्कों और बर्तनों की कीमतों में सीधा असर पड़ा है। शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में चांदी खरीदना अब पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है।
व्यापारियों की चिंता
तेज दामों के कारण खुदरा बिक्री पर असर पड़ सकता है। कई ग्राहक फिलहाल खरीदारी टाल रहे हैं।
चांदी की कीमतों का इतिहास
अगर पिछले 20-25 सालों की बात करें तो चांदी ने जबरदस्त रिटर्न दिया है।
साल 2000 में चांदी का भाव ₹8,000–₹9,000 प्रति किलो था
2010 में यह ₹40,000 के करीब पहुंचा
2020 के बाद इसमें तेज उछाल आया
और अब 2026 में ₹3 लाख प्रति किलो का आंकड़ा पार
यह साफ दिखाता है कि चांदी सिर्फ गहनों की धातु नहीं, बल्कि एक मजबूत निवेश साधन भी बन चुकी है।
निवेशकों के लिए सलाह
अगर आप चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं तो:
एकमुश्त बड़ी रकम लगाने से बचें
चरणबद्ध निवेश करें
फिजिकल सिल्वर के साथ-साथ डिजिटल या ETF विकल्पों पर भी विचार करें
बाजार की चाल पर लगातार नजर रखें

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