भारत में खेती केवल आजीविका नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की ज़िंदगी है। लेकिन लंबे समय तक किसान सरकारी योजनाओं से पूरी तरह जुड़ नहीं पाए, क्योंकि उनकी सही पहचान और रिकॉर्ड एक जगह उपलब्ध नहीं था। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने किसान ID (Farmer ID) की शुरुआत की है। यह ID धीरे-धीरे हर योजना की चाबी बनने जा रही है।
आज गांव-गांव में किसान पूछ रहे हैं – किसान ID क्या है, कैसे बनती है और इससे फायदा क्या होगा? इस रिपोर्ट में हम आपको किसान ID से जुड़ी हर जरूरी जानकारी सरल भाषा के साथ बता रहे हैं।
किसान ID क्या है और सरकार इसे क्यों बना रही है?
किसान ID एक डिजिटल पहचान संख्या है, जिसमें किसान की व्यक्तिगत और कृषि से जुड़ी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर दर्ज होती है। इसमें किसान का नाम, आधार नंबर, जमीन का विवरण, बैंक खाता और मोबाइल नंबर शामिल होता है।
अब तक अलग-अलग योजनाओं के लिए किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने पड़ते थे। कई बार नाम या रिकॉर्ड में मामूली गलती की वजह से योजना का लाभ अटक जाता था। किसान ID इसी परेशानी को खत्म करने के लिए लाई गई है।
सरकार का मकसद है कि:
हर असली किसान की पहचान सुनिश्चित हो
फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगे
योजना का पैसा सीधे किसान के खाते में पहुंचे
भविष्य में किसी भी योजना के लिए अलग रजिस्ट्रेशन न करना पड़े
सीधे शब्दों में कहें तो किसान ID किसान और सरकार के बीच एक डिजिटल पुल है।
किसान ID बनवाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
किसान ID बनवाने से पहले कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखना बेहद जरूरी है। गांवों में अक्सर इसी कमी की वजह से आवेदन अटक जाता है।
जरूरी दस्तावेज:
आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए)
जमीन के कागजात (खतियान / जमाबंदी / भूमि रसीद)
बैंक पासबुक (खाता आधार से लिंक हो)
चालू मोबाइल नंबर
यह ध्यान रखना जरूरी है कि आधार कार्ड और जमीन के कागज में नाम एक जैसा हो। अगर नाम में थोड़ी भी गड़बड़ी है, तो पहले उसे ठीक करवा लेना बेहतर होगा।
कई राज्यों में बटाईदार और किरायेदार किसानों के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, ताकि वे भी किसान ID बनवा सकें।
किसान ID कैसे बनाएं: CSC, ऑनलाइन और सरकारी दफ्तर की प्रक्रिया
किसान ID बनाने के फिलहाल तीन मुख्य तरीके हैं। किसान अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से किसी एक को चुन सकता है।
1. CSC (जन सेवा केंद्र) से किसान ID बनवाना
यह तरीका सबसे आसान और भरोसेमंद माना जाता है। लगभग हर पंचायत में CSC सेंटर मौजूद है।
प्रक्रिया:
नजदीकी CSC सेंटर जाएं
ऑपरेटर को बताएं कि किसान ID बनवानी है
आधार के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन होगा
जमीन, बैंक और मोबाइल की जानकारी भरी जाएगी
आवेदन सबमिट होने के बाद रसीद मिलेगी
आमतौर पर कुछ दिनों में किसान ID जनरेट हो जाती है। CSC सेंटर से आप बाद में स्टेटस भी चेक कर सकते हैं।
2. ऑनलाइन किसान ID रजिस्ट्रेशन
कुछ राज्यों में किसान ID के लिए ऑनलाइन सेल्फ रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू हो चुकी है।
स्टेप्स:
राज्य के कृषि पोर्टल पर जाएं
Farmer Registration या Farmer ID विकल्प चुनें
आधार नंबर डालकर OTP वेरिफिकेशन करें
जमीन और बैंक की जानकारी भरें
फॉर्म सबमिट करें
अगर आपके राज्य में यह सुविधा एक्टिव नहीं है, तो आवेदन नहीं हो पाएगा। ऐसे में CSC ही बेहतर विकल्प है।
3. कृषि विभाग या प्रखंड कार्यालय से
सरकार समय-समय पर गांवों और प्रखंड स्तर पर कैंप लगाती है।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO)
कृषि समन्वयक
कृषि विभाग के कैंप
इन जगहों से भी किसान ID बनाई जाती है, खासकर उन किसानों के लिए जो डिजिटल प्रक्रिया से परिचित नहीं हैं।
किसान ID के फायदे और भविष्य में इसकी अहमियत
किसान ID आने वाले समय में हर किसान के लिए उतनी ही जरूरी होगी, जितनी आज आधार कार्ड है।
मुख्य फायदे:
PM-KISAN योजना की राशि बिना रुकावट मिलेगी
फसल बीमा योजना में आसान क्लेम
खाद और बीज पर सब्सिडी सीधे खाते में
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाने में आसानी
आपदा राहत और मुआवजा तेजी से मिलेगा

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