रविवार, 28 दिसंबर 2025

इंटर और मैट्रिक परीक्षा में चौंकाने वाला खुलासा, 20 हजार से ज्यादा छात्रों ने नहीं भरा परीक्षा फॉर्म

 इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा से जुड़ा एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार इस बार 20 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने परीक्षा फॉर्म नहीं भरा, जबकि उन्होंने पहले रजिस्ट्रेशन जरूर कराया था। रजिस्ट्रेशन और परीक्षा फॉर्म के आंकड़ों की तुलना के बाद यह जानकारी सामने आई है, जिससे शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

बताया जा रहा है कि जिलेवार आंकड़ों के विश्लेषण में यह स्पष्ट हुआ है कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह गए। इसका असर सीधे परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या पर पड़ा है।

 इंटर परीक्षा में घटे परीक्षार्थी, सबसे ज्यादा गिरावट आर्ट्स में

इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल परीक्षार्थियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
आंकड़ों के अनुसार:

  • इंटर में पहले 69,007 छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था
    लेकिन परीक्षा फॉर्म भरने वालों की संख्या घटकर 58,344 रह गई
    यानी करीब 10,600 से अधिक छात्र परीक्षा से बाहर हो गए

स्ट्रीम वाइज स्थिति देखें तो:

  • आर्ट्स में सबसे ज्यादा 36,815 छात्र

  • साइंस में 19,524 छात्र

  • कॉमर्स में 2,686 छात्र

  • वोकेशनल में मात्र 19 छात्र शामिल हुए

इससे साफ है कि आर्ट्स संकाय में सबसे ज्यादा छात्र परीक्षा फॉर्म नहीं भर सके।

मैट्रिक परीक्षा में भी 20 हजार से ज्यादा छात्र बाहर

मैट्रिक परीक्षा की स्थिति भी कुछ अलग नहीं रही।
जानकारी के अनुसार:

  • रजिस्ट्रेशन कराने वाले छात्रों की संख्या 67 हजार से अधिक थी

  • लेकिन अंतिम रूप से परीक्षा फॉर्म भरने वाले छात्र केवल 34,405 ही रह गए

परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों में:

  • पहली पाली में छात्राओं की संख्या 15,114

  • दूसरी पाली में छात्राओं की संख्या 15,830

  • कुल मिलाकर लड़कियों की संख्या 17,778 और लड़कों की संख्या 18,575 बताई गई है

यह अंतर शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है।

परीक्षा फॉर्म नहीं भरने के पीछे ये कारण आए सामने

शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के परीक्षा से बाहर होने के पीछे कई कारण सामने आए हैं:
  • कुछ छात्रों की परीक्षा की तैयारी पूरी नहीं होना

  • स्कूल स्तर पर सही मार्गदर्शन का अभाव

  • पहले से ही एक-दो विषयों में फेल होने का डर

  • बार-बार मौका मिलने के बावजूद फॉर्म न भरना

अधिकारियों का कहना है कि कई छात्रों ने जानबूझकर परीक्षा से दूरी बना ली, जबकि कई छात्र अंतिम तिथि चूक गए।

शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन की बढ़ी चिंता

इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के परीक्षा से बाहर होने के बाद शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन गंभीर हो गया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया, तो आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ सकती है।
शिक्षकों ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों पर नजर रखें और समय पर परीक्षा फॉर्म भरवाना सुनिश्चित करें, ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।इंटर और मैट्रिक परीक्षा से पहले सामने आया यह आंकड़ा शिक्षा व्यवस्था के लिए चेतावनी है। हजारों छात्रों का परीक्षा से बाहर होना न केवल उनके भविष्य को प्रभावित करेगा, बल्कि बोर्ड परीक्षा के कुल परिणामों पर भी असर डाल सकता है।

इंटर और मैट्रिक परीक्षा से पहले सामने आया यह आंकड़ा शिक्षा व्यवस्था के लिए चेतावनी है। हजारों छात्रों का परीक्षा से बाहर होना न केवल उनके भविष्य को प्रभावित करेगा, बल्कि बोर्ड परीक्षा के कुल परिणामों पर भी असर डाल सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं:

Makar Sankranti 2026: 14 जनवरी को क्यों है खास? जानिए शुभ मुहूर्त, दान-पुण्य और बड़ी मान्यताएं

मकर संक्रांति भारत के प्रमुख पारंपरिक और धार्मिक पर्वों में से एक है। वर्ष 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन सूर...

Nepal Plane Crash: किस वजह से होते हैं दुनिया में सबसे ज्यादा प्लेन क्रैश? जान लीजिए जवाब क्या है