मंगलवार, 16 दिसंबर 2025

फार्मर रजिस्ट्री से बनेगी फार्मर आईडी: बिहार के किसानों के लिए डिजिटल खेती की नई शुरुआत

 


बिहार सरकार के कृषि विभाग ने किसानों के हित में एक बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। अब राज्य के किसानों की पहचान, जमीन का विवरण और खेती से जुड़ी तमाम जानकारियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इस पहल के तहत फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर हर किसान की यूनिक फार्मर आईडी बनाई जाएगी। कृषि विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा, बल्कि कृषि प्रशासन में पारदर्शिता और भरोसा भी मजबूत होगा।बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में अब तक किसानों से जुड़ा डेटा अलग-अलग विभागों और योजनाओं में बिखरा हुआ था। कहीं जमीन का रिकॉर्ड था, तो कहीं योजना का रजिस्ट्रेशन। कई बार इसी वजह से पात्र किसानों को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। फार्मर रजिस्ट्री के लागू होने से इन सभी समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

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फार्मर रजिस्ट्री क्या है और इससे किसानों को कैसे होगा सीधा फायदा

फार्मर रजिस्ट्री दरअसल किसानों का एक सेंट्रल डिजिटल डेटाबेस है, जिसमें किसान से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां सुरक्षित रखी जाएंगी। इसमें किसान का नाम, पता, आधार विवरण, जमीन का क्षेत्रफल, फसल की जानकारी और कृषि योजनाओं से जुड़ा रिकॉर्ड शामिल होगा। इसी डेटा के आधार पर किसान को एक यूनिक फार्मर आईडी दी जाएगी, जो भविष्य में उसकी पहचान का मुख्य माध्यम बनेगी।इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसान को हर योजना के लिए बार-बार अलग-अलग दस्तावेज जमा नहीं करने पड़ेंगे। फार्मर आईडी के जरिए ही किसान की पात्रता तय की जा सकेगी। इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और सरकारी सहायता सही किसानों तक पहुंचेगी।

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कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि कौन-सा किसान किस फसल की खेती करता है, कितनी जमीन पर खेती हो रही है और किस क्षेत्र में किस प्रकार की सहायता की जरूरत है। इससे सरकार को योजनाएं बनाने और लागू करने में भी मदद मिलेगी।विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में फार्मर आईडी ठीक उसी तरह काम करेगी, जैसे आम नागरिकों के लिए आधार कार्ड करता है। यह किसान की पहचान को मजबूत बनाएगी और उसे डिजिटल रूप से सशक्त करेगी।

ग्रामवार कैंप लगाकर बनेगी फार्मर आईडी, कर्मचारी करेंगे मौके पर रजिस्ट्रेशन

कृषि विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया को किसानों के लिए सरल रखा जाएगा। इसके लिए ग्राम स्तर पर विशेष रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में कृषि विभाग के प्रशिक्षित कर्मचारी किसानों से आवश्यक जानकारी लेकर उनका पंजीकरण करेंगे।कैंप के दौरान किसान से आधार कार्ड, जमीन से संबंधित दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी ली जाएगी। इन्हीं दस्तावेजों के सत्यापन के बाद किसान की फार्मर आईडी तैयार की जाएगी। विभाग का प्रयास है कि कोई भी पात्र किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।

कृषि अधिकारियों के अनुसार, कैंप में किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के फायदे भी बताए जाएंगे, ताकि वे जागरूक होकर इस प्रक्रिया में भाग लें। कई किसानों को शुरुआत में यह आशंका हो सकती है कि उनकी जानकारी का क्या उपयोग होगा, लेकिन विभाग का कहना है कि डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और केवल सरकारी योजनाओं के लिए ही इस्तेमाल किया जाएगा।ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता बढ़ाने के लिहाज से यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। इससे किसानों का भरोसा भी बढ़ेगा और वे नई तकनीक को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ और पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम

फार्मर रजिस्ट्री और फार्मर आईडी का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि किसानों को सरकारी योजनाओं का पूरा और सही लाभ मिल सके। अभी तक कई बार ऐसा देखा गया है कि जानकारी के अभाव या तकनीकी दिक्कतों की वजह से किसान योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। नई व्यवस्था में फार्मर आईडी के आधार पर ही योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।कृषि विभाग का कहना है कि किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, बीज और खाद पर मिलने वाला अनुदान, प्राकृतिक आपदा सहायता जैसी योजनाएं अब ज्यादा प्रभावी ढंग से लागू की जा सकेंगी। फार्मर रजिस्ट्री से यह भी पता चलेगा कि किस किसान को पहले से कौन-सा लाभ मिल चुका है, जिससे दोहराव और गड़बड़ी पर रोक लगेगी।

इसके साथ ही, यह व्यवस्था नीति निर्माण में भी मददगार साबित होगी। सरकार को यह समझने में आसानी होगी कि किस जिले या प्रखंड में किस प्रकार की समस्या है और किस क्षेत्र को ज्यादा सहायता की जरूरत है। इससे खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।किसानों की सुविधा के लिए किसान कॉल सेंटर की व्यवस्था भी की गई है। यदि किसी किसान को फार्मर रजिस्ट्री या फार्मर आईडी से जुड़ी कोई जानकारी चाहिए, तो वह कॉल सेंटर पर संपर्क कर सकता है।किसान कॉल सेंटर नंबर: 1800-180-1551, जहां सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक सहायता उपलब्ध है।

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